
रायपुर, 15 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा राज्य में “रक्षक (RAKSHAK) पाठ्यक्रम” को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज में बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।
इस पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए पूर्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के सहयोग से एमओयू संपन्न किया गया था। यह समझौता राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में “रक्षक” पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त सामाजिक अभियान है। हमारा प्रयास है कि इसे प्रभावी रूप से लागू कर आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और जागरूक बनाया जाए।”
बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों—पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय (सरगुजा), श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (भिलाई), एमिटी यूनिवर्सिटी और अंजनेय यूनिवर्सिटी—के कुलपति, कुलसचिव, प्रतिनिधि एवं विषय विशेषज्ञ शामिल हुए।
