जीएम सोया मील के आयात की अनुमति व मूल्य स्थिरीकरण तंत्र लागू करने की मांग….

राजनांदगांव 22 मई । ऑल इंडिया पोल्ट्री ब्रीडर एसोसिएशन के अध्यक्ष व उद्योगपति बहादुर अली ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से जीएम सोया मील के आयात की अनुमति तथा मूल्य स्थिरीकरण तंत्र लागू करने की मांग को लेकर पत्र लिखा है।

उद्योगपति श्री अली ने पत्र में कहा कि भारत में 2025-26 का वास्तविक सोयाबीन उत्पादन लगभग 85 एलएमटी प्रतीत होता है। हालांकि सरकार का अनुमान 127 एलएमटी है, जिसे पीआईबी द्वारा 10 मार्च 2026 को जारी किया गया था। यह अपने आप में भारत सरकार के 2024-25 के डेटा/रिपोर्ट की तुलना में फसल उत्पादन में 17 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है, जो 151 एलएमटी था। हालांकि वर्ष 2024-25 में वास्तविक जमीनी उत्पादन 110 एलएमटी था, जो सरकारी अनुमान से 28 प्रतिशत कम था। इसी संदर्भ में वर्तमान वर्ष के 127 एलएमटी के रिपोर्ट किए गए डेटा में भी वास्तविक जमीनी उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत का अंतर है, जो लगभग 85 एलएमटी है।

सोया मील की तीव्र कमी उत्पन्न

श्री अली ने बताया कि जमीन पर सोयाबीन उत्पादन में वास्तविक गिरावट लगभग 85 एलएमटी तक होने के कारण सोया मील की तीव्र कमी उत्पन्न हुई है, जो पशु आहार, पोल्ट्री, डेयरी, मत्स्य पालन और एक्वा फीड के लिए एक प्रमुख प्रोटीन इनपुट है। वर्तमान में 50 प्रतिशत हाई-प्रो सोया मील की कीमत भारतभर में फीड फैक्ट्रियों तक डिलीवरी के आधार पर 77 रुपए प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई है। यह कीमतों में दिन-प्रतिदिन और सप्ताह-दर-सप्ताह लगातार वृद्धि की प्रवृत्ति प्रतीत होती है। इससे डेयरी, पोल्ट्री, एक्का और मछली पालक किसान इनपुट लागत में वृद्धि के कारण घबराहट में है। फीड उद्योग स्वयं भी इस लागत को वहन करने और व्यवहार्य रूप से उत्पादन करने की स्थिति में नहीं है। इस वृद्धि के कारण पोल्ट्री उत्पादों, दूध, मछली और झींगा की कीमतें भी बढ़ी है। पूर्व में इसी प्रकार की स्थिति में 12 एलएमटी जीएम सोया मील की अनुमति दी गई थी।

संकट से निपटने केन्द्रीय मंत्री से किया अनुरोध

श्री अली ने इस संकट से निपटने डेयरी, पोल्ट्री और एक्वा फीड उद्योग की ओर से अनुरोध करते कहा कि आयात कोटा स्वीकृत किया जाए, आयात नीति के लिए बाजार-संबद्ध तंत्र लागू किया जाए व स्टॉक लिमिट लागू की जाए। उन्होंने इस मामले में केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।