राजनाथ सिंह ने प्रबुद्ध नागरिक संगोष्ठी को संबोधित किया

लखनऊ : 9 मई (त्रिवेणी न्यूज़)

आज सिटी मोंटेसरी स्कूल गोमती नगर के ऑडिटोरियम  में आयोजित प्रबुद्ध नागरिक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं जानता हूं की राजनीति के क्षेत्र में काम करने वाले नेताओं की प्रति स्वतंत्र भारत में एक विश्वास का संकट पैदा हुआ है । नेताओं के करनी और कथन में लंबे समय से अंतर होने के कारण ही यह संकट उत्पन्न हुआ है लेकिन हम लोग जिस दल में हैं मैं उसकी बात करना चाहता हूं।हमने जो कहा है वह किया है। इलेक्शन मेनिफेस्टो के एक-एक कथन को हमने पूरा किया है। हमने कहा था कि संसद के दोनों सदनों में जिस दिन हमको बहुमत प्राप्त हो जाएगा उस दिन हम धारा 370 को समाप्त करेंगे और हमने वह कर दिया। 1984 से बराबर हमने यह कहा कि जब हम सरकार बनाएंगे तो अयोध्या की धरती पर भव्य राम का मंदिर बनकर रहेगा। न्यायालय के आदेश से यह निर्णय हुआ लेकिन परमात्मा ने हम लोग की नियत को पहचाना है कि हम लोग की नियत में खोट नहीं है इसलिए राम मंदिर निर्माण हुआ और रामलला अपनी झोपड़ी से निकाल कर अपने महल में प्रवेश कर चुके हैं।भारत में भी रामराज्य का आगाज होगा जब लोगों के अंदर दायित्व बोध उत्पन्न होता है तो समझ लीजिए कि रामराज आ गया केवल अधिकार बोध रहे, हमारा दायित्व नहीं है तो मान लीजिए कि रामराज नहीं आया, कलयुग ही है। मैं स्वयं भी अनुभव कर रहा हूं कि पहले के मुकाबले में कहीं ना कहीं लोगों के अंदर सेल्फ रिस्पांसिबिलिटी यानी दायित्व का बोध आया है कि देश के प्रति हमें क्या करना है यह बोध उत्पन्न हो रहा है।
किसी की नागरिकता समाप्त करने का कोई प्रश्न नहीं होता।
मैं मूलत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक हो किसी मंच पर बोलते हुए मुझे रंच मात्र भी संकोच नहीं हुआ। संघ ने कभी हिंदू मुसलमान की बात नहीं की। राजनीति दो शब्दों से मिलकर बना है राज और नीति ऐसा राज्य जो समाज को सद्मार्ग की ओर ले जाने का कार्य करें उसे ही हम राजनीति के कहते हैं लेकिन यह दुर्भाग्य है कि राजनीति शब्द अपना भाव और अर्थ हो चुका है उसे पुनः भारत की राजनीति में हम स्थापित करें यह हमारा कर्तव्य है।

हम देश बनाने के लिए राजनीति करते हैं हम ऐसे भारत का निर्माण करना चाहते हैं जो धनवान भी हो और साथ ही साथ ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म में सारे विश्व का नेतृत्व कर सके ऐसे भारत का निर्माण करना चाहते हैं।
2004 से 14 तक भारत अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया में 11वें स्थान पर था लेकिन आज वह जंप लेकर पांचवें स्थान पर आ गया है 2027 तक आते-आते हम तीसरे स्थान पर पहुंचेंगे।आजादी के 100 वर्ष 2047 में जब पूरे होंगे तो तब तक हम भारत को विकसित भारत बनाना चाहते हैं।
स्टार्टअप्स 400 / 500 से बढ़कर 125000 हो गई है और यूनिकॉर्न पहले चार-पांच हुआ करते थे आज देश भर में 125 से ज्यादा हो गए। चंद्रमा के साउथ पोल पर चंद्रयान के लैंड करने में हमने कामयाबी प्राप्त की। साथ ही ज्ञान विज्ञान में भी हम बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
अध्यात्म को पूजा पद्धति के साथ जोड़कर नहीं देखना चाहिए अध्यात्म में मन का बड़ा होना ही अध्यात्म है। वसुधैव कुटुंबकम का संदेश यदि किसी ने दिया है तो वह भारत की धरती से हमारे ऋषि मुनियों ने दिया है।

बहुत से मुस्लिम भाई ऐसे हैं जो कहते हैं कि नजदीक आने पर हमें पता चलता है कि आप क्या है। हम प्राणी मात्र की चिंता करने वाले नाग पंचमी के दिन हम सर्प को भी दूध पिलाते हैं जिसके काटने पर मृत्यु निश्चित है। हम सभी के साथ समान भाव और न्याय रखते हैं तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करते।
आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब भारत बोलता है दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत बोल क्या रहा है।
गरीबों को फक्का मकान देना,हर घर में नल से जल, हर घर में शौचालय, गैस सिलेंडर मुहैया कराना, हर किसान को ₹6000 महीना भुगतान, गर्भवती माता महिलाओं को ₹6000 देना जैसी अनेकों योजनाओं में कोई भी भेदभाव के बिना हमने सभी को समान रूप से सुविधा दी हैं।
आतंकवाद का देश हमने सफाया किया है इसके पहले हिंदुस्तान के अधिकांश राज्यों में आतंकवादी घटनाएं घटती रहती थी। 2008 में मुंबई में बड़ी वारदात हुई थी जिसमें सैकड़ो लोग मारे गए थे उस समय जब मैं पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष था। और उस समय वहां के होम मिनिस्टर ने कहा था कि ऐसी आतंकवाद की घटनाएं तो घटती रहती है। आज कोई आए । आज हमारी ताकत है भारत सीमा के इस बार भी मार सकता है और जरूरत पड़ी तो उसे पर भी जाकर मार सकता है। भारत अब आत्मनिर्भर हो रहा है और सुना के सारे उपकरण हम स्वयं बना रहे हैं 21 000 करोड़ का एक्सपोर्ट किया है 4000 करोड़ की ब्रह्मोस मिसाइल का एक्सपोर्ट किया है और ब्रह्मोस मिसाइल अब लखनऊ की धरती पर बनेगी तेजी से लखनऊ में काम चल रहा है और 2026 तक ब्रह्मोस मिसाइल लखनऊ की धरती पर बनने लगेगी और हम दुनिया के दूसरे देशों को सप्लाई करेंगे डीआरडीओ लैब का भी यहां निर्माण कराया है। भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
करता तो परमात्मा है जो कुछ भी लखनऊ में हुआ है वह सब ऊपर वाले की कृपा है बिना उसकी कृपा के कुछ भी संभव नहीं।
हम आपका आशीर्वाद और शुभकामना चाहते हैं ताकि आपकी अपेक्षाओं की कसौटी पर खरा उतर सकूं यह हमारी कोशिश रहती है। जो आप देंगे मैं ले लूंगा जो आप नहीं देंगे तो नहीं लूंगा जो करना है आप लखनऊ वालों को ही करना है इस कथन के साथ अपना उद्बोधन समाप्त किया।

कार्यक्रम की शुरुआत से पहले न्यायमूर्ति देवेंद्र अरोड़ा ने उपस्थित प्रबुद्ध जनों को शत प्रतिशत मतदान की शपथ दिलाई।

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