लखनऊ विश्वविद्यालय और  DMRSDE- कानपुर  के बीच एकेडमिक समझौता

लखनऊ : 15 मई (त्रिवेणी न्यूज़)

प्रोफेसर आलोक कुमार राय और डॉक्टर मयंक द्विवेदी

लखनऊ विश्वविद्यालय  तथा रक्षा सामग्री और भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (DMRSDE), कानपुर के बीच आज एक अकादमिक समझौता किया गया। समझौता ज्ञापन पर लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय तथा डीएमआरएसडीई की ओर से उसके निदेशक डॉक्टर मयंक द्विवेदी की हस्ताक्षर किया।इस एमओयू का समन्वय लखनऊ विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा किया गया था।


लखनऊ विश्वविद्यालय और डीएमएसआरडीई, कानपुर के बीच इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य देश और समाज के लाभ के लिए वैज्ञानिक ज्ञान में उन्नति प्रदान करने के लिए सहयोगात्मक प्रशिक्षण और अनुसंधान कार्यक्रम को बढ़ावा देना है। यह लखनऊ विश्वविद्यालय और डीएमएसआरडीई, कानपुर के लिए सहयोगात्मक प्रशिक्षण और अनुसंधान की सुविधा के लिए उद्देश्यों और शक्तियों की संपूरकता के आधार पर सहक्रियात्मक रूप से काम करने का एक अवसर होगा।


विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया है कि यह समझौता ज्ञापन अनुसंधान और शैक्षणिक प्रशिक्षण में कई पारस्परिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों की सुविधा प्रदान करेगा। जैसे कि अनुसंधान, वैज्ञानिक और तकनीकी सामग्रियों का आदान-प्रदान, पारस्परिक हित के विशिष्ट क्षेत्रों में सहयोगात्मक अनुसंधान कार्यक्रम, संयुक्त पीएचडी कार्यक्रम, इंटर्नशिप, प्रशिक्षण, लघु शोध प्रबंध कार्यक्रम, इंस्ट्रुमेंटेशन सुविधा साझा करना।


डीएमएसआरडीई, कानपुर की ओर से इस समझौता के साक्षी थे डॉ. अमित सरैया, वैज्ञानिक-एफ एवं प्रमुख, टीसी एवं एचआरडी, डीएमएसआरडीई, कानपुर तथा विश्वविद्यालय की ओर से प्रोफेसर अनिल मिश्रा, विभागाध्यक्ष, रसायन शास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय थे। डीन एकेडमिक सेल प्रो. गीतांजलि मिश्रा ने इस समझौते का निष्पादन किया। लखनऊ में स्थित डीएमएसआरडीई, कानपुर की एक सहयोगी प्रयोगशाला, रक्षा प्रौद्योगिकी और परीक्षण केंद्र में वैज्ञानिक-एफ डॉ. आशीष दुबे भी उपस्थित थे। एमओयू का समन्वयन लखनऊ विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. नीरज कुमार मिश्रा द्वारा किया गया।

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