अमेठी में कांग्रेस प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा को निर्णायक बढ़त

अमेठी : 18 मई (त्रिवेणी न्यूज़)

लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में रायबरेली और अमेठी में भी 20 मई को मतदान होना है। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की स्थिति कुछ भी हो लेकिन रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस पार्टी के दोनों प्रत्याशी निर्णायक बढ़त प्राप्त कर चुके हैं। राहुल गांधी के जीतने के बारे में तो कभी किसी ने कोई संदेह नहीं किया लेकिन अमेठी में किशोरी लाल शर्मा को शुरू-शुरू में कमजोर कैंडिडेट माना गया। ऐसा उन लोगों का मानना था जो अमेठी की जमीनी हकीकत से परिचित नहीं थे और किशोरी लाल शर्मा की क्षमता के बारे में नहीं जानते थे। किशोरी लाल शर्मा नामांकन करने के बाद जब अपने चुनाव प्रचार में जुटे तो पहले एक सप्ताह में भी स्थित पलटी हुई नजर आई।

अमेठी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा

सन 1984 में जब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने उस समय उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के पांचो विधानसभा क्षेत्र में जनता से सीधा संपर्क रखने के लिए पांच कोआर्डिनेटर नियुक्त किए थे। उन पांचों में किशोरी लाल शर्मा भी एक कोऑर्डिनेटर थे। कालांतर में जब केंद्र से कांग्रेस की सरकार हट गई और राजीव गांधी का स्वर्गवास हो गया तो बाकी चार कोऑर्डिनेटर तो हटा दिए गए लेकिन किशोरी लाल शर्मा को अकेले ही पूरे संसदीय क्षेत्र को देखने की जिम्मेदारी मिल गई थी। उन्होंने वह जिम्मेदारी निभाते हुए 40 वर्षों तक अमेठी के लोगों की सेवा किया है। कालांतर में रायबरेली संसदीय क्षेत्र की जिम्मेदारी भी उनको दे दी गई थी। सन 2019 में अमेठी संसदीय क्षेत्र से राहुल गांधी की पराजय के बाद भी के एल शर्मा ने अमेठी से नाता नहीं तोड़ा और यहां के लोगों के साथ बराबर संपर्क बनाए रखा। उसी का लाभ आज उनको मिल रहा है और इस चुनाव में स्मृति ईरानी के मुकाबले उनका पलड़ा बहुत भारी हो गया है।

आज शाम को तकनीकी रूप से चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा लेकिन घर-घर जाकर जनसंपर्क करने का कार्यक्रम चलता रहेगा। किशोरी लाल शर्मा और उनके समर्थक कांग्रेसियों ने अब तक इतनी मेहनत कर लिया है कि उनको आगे बूथ मैनेजमेंट पर ही ध्यान देना है। प्रचार कार्य की चिंता अब कांग्रेस प्रत्याशी को नहीं करना है। संयोग से पिछले 15 दिनों में स्थानीय समीकरण कुछ इस प्रकार बदले हैं कि मोदी योगी की लोकप्रियता के बावजूद अमेठी का चुनाव भाजपा के लिए बहुत मुश्किल हो गया है। भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी का चमचों और चाटुकारों से घिर जाना उनकी संभावित पराजय का मुख्य कारण बनेगा।

विगत 3 तारीख को कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने के बाद किशोरी लाल शर्मा अब तक लगभग 200 जगह पर चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। इसके इसके अतिरिक्त मार्ग में पड़ने वाले सैकड़ो गांवों में भी कुछ न कुछ समय देकर  लोगों से मिले हैं और उनसे समर्थन मांगा है। भारतीय जनमानस की विशेषता यही है कोई व्यक्ति किसी को ना नहीं कहता। इस मनोवैज्ञानिक तथ्य का लाभ किशोरी लाल शर्मा को भरपूर मिल रहा है। उनके खिलाफ चुनाव लड़ रही भाजपा प्रत्याशी और केंद्र सरकार की मंत्री स्मृति ईरानी इस तरह के जनसंपर्क के मामले में बहुत पीछे छूट गई हैं। इतना पीछे हो गई है कि उनको मोदी योगी की लोकप्रियता का भी कोई लाभ नहीं मिल रहा।

अमेठी धम्मौर रोड पर स्थित बंदोइया गांव के पूर्व प्रधान पंडित विद्यासागर त्रिपाठी ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के परंपरागत मतदाता और किशोरी लाल शर्मा के व्यक्तिगत संपर्क वाले लोगों के अतिरिक्त समाजवादी पार्टी के परंपरागत वोटर इस चुनाव में एकजुट है और तन मन से कांग्रेस को जिताने में लगे हैं। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने व्यक्तिगत रूप से भी रायबरेली और अमेठी के प्रमुख समाजवादियों को फोन करके पूरी तरह  सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। यद्यपि अमेठी और गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र  के विधायक समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीतने के बाद भी भाजपा का प्रचार कर रहे हैं लेकिन इस क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के परंपरागत मतदाता अब भी अखिलेश को ही अपना नेता मानते हैं और उन्हीं की इच्छा अनुसार मतदान करेंगे। इसका प्रत्यक्ष लाभ किशोरी लाल शर्मा को मिल रहा है। पूरे संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी का ही बोलबाला है और किशोरी लाल शर्मा की विजय निश्चित है।

(अमेठी से वरिष्ठ संवाददाता कमलेश कुमार त्रिपाठी की रिपोर्ट)

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