गोमती नगर में नक्षत्र वाटिका बनाने का सांकेतिक शुभारंभ

लखनऊ : 15 दिसंबर (त्रिवेणी न्यूज़)

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित प्रतिष्ठित कॉलोनी गोमती नगर में हुसड़िया चौराहे के पास विनीत खंड 6 में स्थित और शहीदपथ से सटा हुआ नगर निगम कार्यालय के पीछे 8 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल का भूखंड पिछले 35 वर्षों से उजाड़ और उपेक्षित पड़ा हुआ था । यहां गंदगी का अंबार था और नशेड़ियों तथा असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता था । लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इस भूखंड को हरित पट्टी के रूप में मूल योजना में छोड़ दिया था लेकिन इसका विकास करना भूल गया था ।

इस भूखंड का समुचित विकास करने के लिए अय्यप्पा मंदिर के संस्थापक सदस्य और गोमती नगर के वरिष्ठ नागरिक श्री के के जनार्दन नाम्बियार की अगुवाई में स्थानीय नागरिकों ने सन 1988 से ही प्रयास करना शुरू किया था और वह अब जाकर फलीभूत हुआ है । वह भी तब हुआ जब लखनऊ की कमिश्नर डॉक्टर रोशन जैकब ने व्यक्तिगत रुचि लेकर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी को इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करके काम शुरू करने का निर्देश दिया । उनके निर्देश पर प्राधिकरण के आर्किटेक्ट आदित्य कुशवाहा, इंजीनियरिंग विभाग के विशाल यादव और अन्य कर्मठ अधिकारियों ने विशेष परिश्रम करके इस प्रोजेक्ट को तैयार किया । उन्होंने इसका डिजाइन तैयार करने के लिए श्री नाम्बियार से भी सलाह लिया। इसी के फल स्वरुप पिछले महीने नवंबर में लखनऊ विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में यहां भूमि पूजन संपन्न हुआ था। कल बृहस्पतिवार को दोबारा की गई पूजा अर्चना के साथ इस भूखंड का विकास सांकेतिक रूप से शुरू किया गया।

इस अनुष्ठान में भी मुख्य यजमान के रूप में श्री नाम्क्बियार रहे और उनके साथ सहयजमान के रूप में गोमती नगर में रहने वाले वरिष्ठ नागरिक उपेंद्रनाथ मिश्र, आरके दुबे,एस एन शुक्ला, अमित बरनवाल , शुभांशी कुमार, मोहन वीर सिंह आदि शामिल हुए। पंडित विनय शास्त्री इस अनुष्ठान के पुरोहित थे ।इस अवसर पर बड़ी संख्या में गोमती नगर के रहने वाले लोग भी शामिल हुए और सभी ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया और आशा व्यक्त किया की इस भूखंड के विकास का काम तेजी से होगा।

कार्यक्रम के बाद श्री नाम्क्बियार ने बताया कि इस उपेक्षित भूखंड का विकास अब मुख्य रूप से नक्षत्र वाटिका के रूप में किया जाएगा । इसी के साथ इसमें पंचवटी , औषधि वाटिका, और विभिन्न प्रकार की शास्त्रीय वाटिकाएं भी स्थापित की जाएगी। यहां पर एक बहु उद्देशीय भवन का निर्माण होगा जिसमें कम्युनिटी हाल, पुस्तकालय, विश्रामगृह आदि की समुचित व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के बारे में बहुत दिन से चर्चा हो रही थी और अब जाकर इसका समाधान हुआ है। उन्होंने लखनऊ की कमिश्नर डॉक्टर रोशन जैकब, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी, आर्किटेक्ट आदित्य कुशवाहा , इंजीनियर विशाल यादव और अधिकारियों के प्रति बार-बार आभार व्यक्त किया।

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