विप्र संजीवनी परिषद ने सम्मान समारोह आयोजित किया

अयोध्या : 12 फरवरी (त्रिवेणी न्यूज़)

आध्यात्मिक नगरी अयोध्या में संस्कृत शिक्षा के उत्कर्ष के लिए विप्र संजीवनी परिषद गुरुकुल संचालित है। दिनांक 11 फरवरी 2024 को डा0 अशोक पाण्डेय, संस्थापक विप्र संजीवनी परिषद एवं प्राचार्य -श्री राजगोपाल संस्कृत महाविद्यालय अयोध्या के कुशल नेतृत्व में इस संस्था का पंचम वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर अयोध्या के संस्कृत विद्यालयों में अध्ययन करने वाले 100 से अधिक छात्रों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं, विद्वानों का व्याख्यान तथा विद्वत् सम्मान का आयोजन किया गया।

सारस्वत समारोह में डॉ जगदानंद झा को सम्मानित किया गया

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन, कुलगीत गान, वैदिक तथा लौकिक मंगलाचरण, स्वागत गीत से हुआ। मुख्यातिथि जगदानन्द झा ने धर्म एवं संस्कृति के जागरण में संस्कृत विद्या तथा गुरुकुलों की आवश्यकता पर संक्षिप्त उद्वोधन दिया । वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत भाषा पढ़ने के बाद धार्मिक ग्रन्थों के निहितार्थ को समझना आसान हो जाता है। डा0अशोक कुमार पाण्डेय द्वारा विरचित विप्र संजीवनी परिषद् का कुलगीत संस्था का गायन किया गया।

विप्र संजीवनी परिषद के प्रबंधक डॉ. राजकुमार उपाध्याय, मंत्री श्री मुकेश कुमार पाण्डेय एवं संस्था के अन्य सदस्यों ने संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार में विशिष्ट योगदान के लिए श्री जगदानंद झा (उ0प्र0 संस्कृत संस्थान भाषा विभाग लखनऊ) को, आध्यात्मिक क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए श्री स्वामी सुरेन्द्र प्रपन्नाचार्य जी महाराज को एवं आधुनिक शिक्षा में विशिष्ट योगदान के लिए श्री पारसनाथ चतुर्वेदी जी को, भारतीय सेना में विशिष्ट योगदान के लिए सूबेदार संजय सिंह को एवं समाज सेवा में विशिष्ट योगदान के लिए श्रीरमेश सिंह को विप्रसंजीवनी पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।

इस अवसर पर संस्कृत शिक्षा को बढावा देने तथा इसे जन जन तक पहुचाने के लिए अयोध्या के संस्कृत विद्यालयों से आये 100 से अधिक छात्रों के बीच सूत्र अन्त्याक्षरी, श्लोक अन्त्याक्षरी, संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विजेता बच्चों को क्रमश़ः प्रथम द्वितीय तृतीय पुरस्कार 1500/ 1000/ 700 रू0 एवं मेडल प्रदान किया गया।

सूत्र अन्त्याक्षरी में प्रथम पुरस्कार -अमित पाण्डेय, द्वितीय स्थान रूपेश दूबे तथा तृतीय अविनाश मिश्र को मिला ।श्लोक अन्त्याक्षरी में प्रथम-सूरज द्विवेदी द्वितीय- मयंकमणि त्रिपाठी तृतीय-शशांक पाण्डेय रहे । सामान्य ज्ञान में प्रथम स्थान-मयंकमणि त्रिपाठी ,द्वितीय-शिवा पाण्डेय तथा तृतीय स्थान संयुक्त रूप से – प्रज्ञा उपाध्याय, ऋषभचंद्र मिश्र, ओमपति त्रिपाठी और अमित पाण्डेय ने  प्राप्त किया।

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