यूनिवर्सिटी कॉलेज रिटायर्ड टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन का वार्षिक सम्मेलन संपन्न

लखनऊ :18 फरवरी (त्रिवेणी न्यूज़)

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत रहे अवकाश प्राप्त शिक्षकों के संगठन यूनिवर्सिटी कॉलेज टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन का दसवां वार्षिक सम्मेलन आज के. के. वी. महाविद्यालय के सभागार में संपन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष डॉक्टर संग्राम सिंह चौहान ने किया । ख्याति प्राप्त शिक्षाविद प्रोफेसर भूमित्र देव इस सारस्वत समारोह के मुख्य अतिथि थे।   कार्यक्रम का का सफल संचालन प्रोफेस।उनके साथर अंजनी कुमार मिश्रा ने किया। ज्ञातव्य है कि विश्वविद्यालय महाविद्यालय सेवानिवृत शिक्षक कल्याण महासंघ के नाम से रजिस्टर्ड यह संगठन राष्ट्रीय स्तर पर अखिल भारतीय सेवानिवृत्त विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संगठन से संबंध है और प्रदेश स्तर पर अवकाश प्राप्त शिक्षकों के कल्याण के लिए काम करता है।

अधिवेशन में अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए संगठन के महामंत्री प्रोफेसर जे एन शुक्ला ने बताया की सेवा निवृत शिक्षकों को सरकारी कर्मचारियों की ही तरह चिकित्सा सुविधा दिए जाने के लिए और 62 वर्ष की आयु पर रिटायर होने वाले शिक्षकों को ग्रेच्युटी दिए जाने के लिए यह महासंघ लगातार प्रयास कर रहा है और शासन स्तर पर भी बातचीत चल रही है। उन्होंने शिक्षक हित में शासन से की जा रही अन्य मांगों के बारे में भी प्रकाश डाला लेकिन इस बात पर चिंता भी व्यक्त किया कि सरकार की नौकरशाही और लाल फीताशाही के कारण अभी तक सफलता नहीं मिली है लेकिन प्रयास जारी है। इन समस्याओं के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री से भी समय मांगा गया है। इसी कार्यक्रम में 80 वर्ष की आयु पार कर चुके अनेक सदस्यों को आयोजकों द्वारा सम्मानित भी किया गया ।   सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में  96 वर्ष के डॉक्टर श्यामलाल वैश्य का नाम उल्लेखनीय है।

मुख्य अतिथि के रूप में आशीर्वचन देते हुए प्रोफेसर भूमित्र देव ने ने कहा कि रिटायर होने के बाद भी शिक्षक गण समाज को मार्गदर्शन देते रहे हैं और देते रहेंगे। उन्होंने इस बात पर हर्ष और संतोष व्यक्त किया की शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहे लोगों ने समाज के सामने उच्च आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे व्यवसायीकरण पर चिंता व्यक्त किया लेकिन आशा भी व्यक्त किया की सरकार के प्रयासों से इस पर अंकुश लगेगा।

अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉक्टर संग्राम सिंह चौहान ने कहा कि कोई भी संगठन चलाने के लिए सदस्यों की सहभागिता आवश्यक होती है। रिटायर होने वाले अधिक से अधिक शिक्षकों को इस संगठन में शामिल होकर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में एक दूसरे का सहयोग लेकर ही सुखी और संतोषजनक जीवन जिया जा सकता है। इसी बात को ध्यान में रखकर रिटायर शिक्षकों के लिए यह संगठन बनाया गया था ।उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रति साधुवाद प्रकट करते हुए इस सफल आयोजन के लिए संतोष व्यक्त किया।

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