लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में दो दिवसीय संगोष्ठी

लखनऊ: 13 मार्च (त्रिवेणी न्यूज़)

डॉ. राम मनोहर लोहिया पीठ (समाजशास्त्र विभाग), लखनऊ विश्वविद्यालय के तत्वाधान में आज दिनाक १३. ०३.२०२४ से दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन शुरू हुआ. संगोष्ठी का मुख्य विषय, “भारतीय समाजशास्त्र के सौ वर्षों का पुनरावलोकन: पाठ, सन्दर्भ और भविष्य का शिक्षणशास्त्र” है. संगोष्ठी के पहले सत्र में, डॉ राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय सिंह ने, भारतीय सन्दर्भ में समाजशाशत्रिय विमर्श में कानून का स्थान, और वर्तमान में क़ानून और समाज के प्रो. राधाकमल मुखर्जी और राधा कुमुद मुखर्जी के योगदान पर प्रकाश डाला तथा कैसे लिंग और धर्म में व्यक्तिवाद को समझने में नए विधा को इस्तेमाल किया जाये, तो वहीं प्रो. चंद्रा चंद्र ने इस विषय पर प्रकाश डाला कि समाजशास्त्र को समाज की गति के साथ चलना होगा तथा इस दिशा में लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के योगदान क्या रहा है. डॉ. भीम राम आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रो. मनीष वर्मा ने भारत समाज में परिवार विखंडन के स्वरुप पर प्रकाश डाला, कि कैसे भारतीय परिवार, संगठीत से एकाकी तथा एकल के रूप में बदल रहा है उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा पर प्रकाश डाला. वहीँ जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के डॉ. आत्री साहा ने भविष्य में शिक्षण शास्त्र में सामाजिक यथार्थ के बारे में अपनी बात राखी.

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