अवधी और भोजपुरी भाषाओं के परस्पर संबंध पर शोधपरक संगोष्ठी

डॉ राम बहादुर मिश्र ने अध्यक्षता किया

लखनऊ :31 मार्च (त्रिवेणी न्यूज)

युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच, उत्तर प्रदेश इकाई के तत्वाधान में आज दिनांक 31-03-24 को ” लोक बोली भोजपुरी -अवधी सहोदर बहनें विषय पर श्रेयस साहित्य शोध संस्थान कार्यालय में एक भव्य एवं शोधपरक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ l
कार्यक्रम की अध्यक्षता अवधी साहित्य के शीर्ष साहित्यकार जिन्हें आम अवधी भाषा प्रेमी एवं साहित्यकार आधुनिक अवधी के भगीरथ भी कहते हैं, डा0 राम बहादुर मिश्र जी रहे l कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रसिद्ध अवधी साहित्यकार / गीतकार डा0 अशोक अज्ञानी जी रहे तथा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे, भोजपुरी साहित्यिक संस्था पुरबी बयार के अध्यक्ष डा0 सुभाष चंद रसिया जी एवं महासचिव श्री महेश चंद गुप्त ‘महेश जी l
‘ कार्यक्रम में अतिथियों के स्वागत एवं स्वागत भाषण का दायित्व सम्हाला, प्रख्यात पर्यावरण विद एवं युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच के महासचिव श्री नन्द किशोर वर्मा ‘जलदूत ‘ जी ने l कार्यक्रम में मंच के संप्रेक्षक श्री अनिल सचान ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया l कार्यक्रम का शुभारम्भ भोजपुरी साहित्यिक संस्था पुरबी बयार के महासचिव श्री महेश चंद गुप्त महेश ने अपनी वाणी वंदना से की l कार्यक्रम का संचालन कर रहे, युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष तथा श्रेयस साहित्यिक शोध संस्थान लखनऊ के प्रमुख श्री राजेश कुमार सिंह “श्रेयस” ने अपने संबोधन में कहा कि दोनों बोलीयों के साहित्यकारों को पहले अपने पूर्वज साहित्यकारों की रचनाओं को पढ़ना चाहिए, तथा अपनी मातृ बोली के मर्म तक पहुंचना चाहिए l
अपनी बोली के जुड़ाव से ही हम इन दोनों बलियो का संरक्षण कर सकते हैं l इन दोनों बोलियों में मिठास भी है और भाव भी है l
कार्यक्रम में युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच उप्र इकाई के कोषाध्यक्ष ने अवधी गीत प्रस्तुत किया, वहीं प्रसिद्ध गीतकार श्री पुष्पेंद्र प्रेमी ने एक बडे ही गंभीर गीत का वाचन किया l हिंदी -भोजपुरी गीतकार, एवं गजलकार श्री देवेंद्र सिंह ने अपनी कविता का पाठ किया तो पुरबी बयार के अध्यक्ष डा0 सुभाष चंद्र रसिया ने अपने मधुर गीत से श्रोताओं का मन मुग्ध कर लिया l रसिया जी ने भोजपुरी के उत्थान के लिए क्या-क्या प्रयास और करने चाहिए इस बात पर ही जोर दिया और यह भी बताया कि भोजपुरी और अवधी किस तरह से दूध और पानी की तरह से आपस में घुले हुए हैं l कार्यक्रम में युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच की सहसचिव तथा प्रख्यात साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की प्रपोत्री श्रीमती कविता कुमारी प्रसाद ने सारगर्भित संबोधन किया l कार्यक्रम में मंच के अन्य पदाधिकारियो के अतिरिक्त हरीतिमा प्रकाशन के प्रमुख श्री शिवआश्रय प्रजापति ने भी भाग लिया l
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं अवधी साहित्य के प्रकांड विद्वान डॉक्टर अशोक अज्ञानी ने अवधी साहित्य के इतिहास और इतिहासकारों की रचनाओं का जिक्र करते-करते हुए कहा कि हमें इन साहित्यकारों के ग्रंथो को अवश्य ही पढ़ना चाहिए l
कार्यक्रम में अपना अध्यक्षीय भाषण देते हुए अवधी साहित्य संस्थान के अध्यक्ष डॉ0 राम बहादुर मिश्र ने अवधी से संबंध में कई गुढ तथा तथ्यपरक बातें रखी तथा अवधी भोजपुरी समरसता मंच के गठन किये की बात की बात कही l

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