चिकित्सा सेवा, शिक्षण और जनजागरूकता में योगदान दे रहे डॉ. प्रकाश खुंटे, कोरोना काल में कोविड आईसीयू प्रभारी के रूप में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, स्वास्थ्य जागरूकता के लिए भी सक्रिय….

03/11/26/ राजनांदगांव। चिकित्सा सेवा, चिकित्सा शिक्षा और जनस्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में योगदान दे रहे डॉ. प्रकाश खुंटे राजनांदगांव में एसोसिएट प्रोफेसर, जनरल मेडिसिन के पद पर कार्यरत हैं। भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव में सेवाएं दे रहे डॉ. खुंटे ने कोरोना महामारी के दौरान कोविड आईसीयू प्रभारी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई थी। चिकित्सा सेवाओं के साथ विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने और आम नागरिकों तक स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी पहुंचाने के उनके प्रयास भी उल्लेखनीय हैं।

डॉ. प्रकाश खुंटे ने रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से एमबीबीएस तथा एमडी (जनरल मेडिसिन) की शिक्षा प्राप्त की है। चिकित्सक और शिक्षक के रूप में वे मरीजों के उपचार के साथ चिकित्सा विद्यार्थियों के नैदानिक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और मरीजों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने में योगदान दे रहे हैं।

कोरोना महामारी के दौरान निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं पर अत्यधिक दबाव के बीच डॉ. खुंटे ने कोविड आईसीयू प्रभारी के रूप में गंभीर मरीजों के उपचार और चिकित्सा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान गंभीर मरीजों की निगरानी, उपचार संबंधी निर्णय और उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों के प्रभावी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उनकी भूमिका रही। कोरोना काल में उनकी सेवाओं के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। वर्ष 2021-22 में कोविड योद्धा प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रशस्ति प्रमाणपत्र मिलने का भी उल्लेख है।

मेडिकल कॉलेज के विकास और चिकित्सा शिक्षा में योगदान…

डॉ. खुंटे राजनांदगांव के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के विकास और उसे मान्यता दिलाने की प्रक्रिया में अपने सहयोग को भी महत्वपूर्ण मानते हैं। चिकित्सा शिक्षा संस्थानों का सुदृढ़ीकरण क्षेत्र में प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण है। एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में वे चिकित्सा विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक चिकित्सा, नैतिक जिम्मेदारी और मरीजों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

स्वास्थ्य जागरूकता के लिए निरंतर प्रयास…

चिकित्सा सेवाओं के अतिरिक्त डॉ. खुंटे आम नागरिकों को बीमारियों के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए भी सक्रिय हैं। सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से वे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, संतुलित आहार, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली, नशे और शराब के दुष्प्रभाव तथा सामान्य बीमारियों में आवश्यक सावधानियों जैसे विषयों पर जानकारी साझा करते हैं। उनका प्रयास है कि लोग स्वास्थ्य संबंधी निर्णय वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर लें और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करें।

स्कूल-कॉलेजों में जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी

राजनांदगांव के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से डॉ. खुंटे विद्यार्थियों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन), बुनियादी जीवनरक्षक उपायों, संतुलित आहार, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने में योगदान दे रहे हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सहायता के महत्व से परिचित कराना और स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों को प्रोत्साहित करना है।

विभिन्न सम्मानों और नामांकन का उल्लेख…

डॉ. खुंटे से उपलब्ध जानकारी के अनुसार कोरोना काल में डॉ. रमन सिंह द्वारा कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित किया गया। कोविड-19 के दौरान उनकी सेवाओं के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के डीन द्वारा प्रमाणपत्र दिए जाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए प्रशस्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने का भी उल्लेख है। वर्ष 2026 में स्वास्थ्य विषयक एक कार्यक्रम में वक्ता के रूप में सहभागिता और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स से संबंधित श्रेणी में नामांकन भी उनकी उपलब्धियों में शामिल बताए गए हैं।

छत्तीसगढ़ गौरव अवार्ड-2026 के लिए नामांकन की पहल…

चिकित्सा सेवा, चिकित्सा शिक्षा, कोविड महामारी के दौरान जिम्मेदारी और जनस्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में डॉ. प्रकाश खुंटे के योगदान को देखते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ गौरव अवार्ड-2026 के लिए नामांकित करने की पहल की गई है। उनके कार्यों का प्रमुख उद्देश्य चिकित्सा ज्ञान को समाज के हित में उपयोग करना, स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी का प्रसार करना और लोगों को रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक बनाना है।

चिकित्सक, शिक्षक और जनस्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े व्यक्ति के रूप में डॉ. खुंटे की गतिविधियां चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व को भी रेखांकित करती हैं।